शुक्रवार, 23 सितंबर 2011

vashikarnh

वशीकरन एक मंत्र है मीठी बोली में वशी करन की शक्ति है कई दिनों से मीठी बो ली कैसी हो टीहो गी सोचता 
ही रहा किन्तु मीठी बोली क्या है कैसे बोली जाती है कुछ समझ में नहीं आरहा था /पि छ  ले आ ठदस दी नो 
से कम्प्टर हैंग हो रहा था इंजीनियर ने हार्ड डिस्क ख़राब होना बताया व् दस पंद्रह दिन में ठीक होने का 
कहा /उस दिन  तो मै वापिस आ गया किसोचा ली शायद इंजी. ने को इ जुगाड़ कर कम्पुटर सुधारदिया हो 
ऐसा सोचकर मै उसकी दुकान पर चला गया /इंजी.ने कहा आपने आने का कष्ट क्यों किया /आप वाली हार्ड 
डिस्क ही कम में आजावेगीइस प्रकार कीबात करते हुए दुसरे केकम्पुटर पर काम करता रहा /उसने मेरे 
क मपु .की तर फ  देखा तक नहीं /मने कहा हाँ भाई आप ठीक कहरहे है प् आप से काम करवाना तो पड़ेगाआपको 
तो .मालूम  ही है कि गाय दूध देती नहीं है गाय को दू हना पड़ता है /मेरे इस जुमले पर वहाबैठे लोगो ने मझे 
बहुत सराहा*मुझे उनका यह सराहना बहुत अच्छा लगा /इंजी *ने कह आपको कमप्यु टरआज ही चाहिए 
उस ने कहां यदि यह  हार्डडिस्क यदि कम नहीं देती तो आपको दो चार   दिन रुकना ही पड़ता  *मैंने कहा
एक बार एक बुडियायस  बैंक में गयी जहा उसका धन जमथा *बुडिया ने कहा कि मैंने सुना है कि आप कि 
बैंक कादी वाला निकल रहा है यदि एयसाहै तो मु झे में रा धन अभी चाही ये और यदि दिवाला नहीं निकल 
मुझे अभी धन कीको इ जरुरत नहीं है /मेरी इस बात को सुन सभी लोग प्रशन्नहुए *न्होंने मुझे बहत 
बुद्धिमान बताया एक ने तो कहा किआ प को तो कों बने गा करोड़ पति कि हट सिट पर बैठना चाहिया 

यह सुनकर दिल बाग बाग हो गया /कम्प *ले कर घर आया सबसे प् हले इ मेल खोली  मित्र कीसराहना 
भरी पाती थी  पड़कर आनंद से भर गया *शायद इसे ही मीठी वानि कहते है 
यह 

रविवार, 18 सितंबर 2011

NASINGH KI KATHAA

नरसिंह को ऐसा लगा कि उसका सर चकरा रहा है वह धडाम से जमीं पर गिर गया /उसने संक्षेप में 
         नागिन के श्राफ कि घटना बताई आर उसके प्रंह निकल गए /यह देख कर हाहाकार मच गया 
भाई  कि बारात के स्थान पर  बड़े भाई कि अर्थी निकलने का दुखद अवसर उपस्थित होगया /
यह सताती देख तेजल नारने लोगों को धेर्य धरने का कहा /उसने सब के सामने घोषणा की कियदि 
मेरी साड़ीमें  सत      हो तो मेरा      पति जीवित हो जाये /तेजल के इतना कहते ही नरसिंह  उठ 
बैठा जैसे गहरी नींद से जगा हो /इस प्रकार तेजल नेअपने  सत के प्रभाव से  म्र्रत पति को प्राप्त 
किया  
शेष जीवन आनंद मंगल से बिताया 

शुक्रवार, 16 सितंबर 2011

JHOOTH KAHAI LOG

आज हम देखते हैं की घर परिवार में और विशेष कर नवयुवको में अनुशासन हीनता पाईजाती है इसके 
कई कारान्होमें एक मुख्या कारंह है बचो को उचित निर्णय लेने की क्शिक्षा नहीं मिलनाबच्चो को 
मता पिता की दी हु ई नशिहते कड़वी लगाती है और दुसरे लोग उनो को जो कहते हैं उन्हें मीठी लगती
है /उन्हें यह gyan नहीं रहता की लोग उन्हें गलत रा ह पर चलाकर उन्हें अवनति की और धकेलना चाहते 
हैं /अत बचो को सीधी नसीहत न देते हुए उन्हें नीर क्षीर  की सिक्षा दे नाचाहिए /
    

मंगलवार, 6 सितंबर 2011

LOKOKTIYAN

GHAHavm bhdduri hamare desh ke wo mahavidwanhuye hai jinhone apne
gyan ko padya rup me prastut kiya hai /varsh ka poorvanumadekhiye
banh pde bangali tovarshahowe aajkikali/yadi poorv dishame indra
dhanushdi khayide to aj nahi to kal jaroor varsha hogi

शनिवार, 16 जुलाई 2011

hath/hat

hath tin prkarki hoti hai rajhath balhth triya hath   ye tino apni hath nahi chodte kintuinhon ne yah jankar ki
kevalmoorkh aur mratak hi apne vichar nahi badalte iesliye hath se hat jana chahiye